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मेटा-टैग रैंकर

शिक्षा प्रौद्योगिकी के क्षेत्र में, उपयोगकर्ताओं के लिए कॉन्टेंट को सुलभ और खोजने योग्य बनाना एक महत्वपूर्ण कार्य है। ऐसा करने के लिए, कंपनियां टीकाकारों या विषय विशेषज्ञों की नियुक्ति करती हैं ताकि, प्रासंगिक टैग के साथ कॉन्टेंट को जोड़ा सके और प्रोडक्ट के बारे में उपयोगकताओं के समग्र अनुभव को बेहतर बनाया जा सके।

Embibe के नॉलेज ग्राफ़ में 74,000 से अधिक नोड हैं। प्रत्येक नोड, नॉलेज की स्वतंत्र इकाई का प्रतिनिधित्व करता है। इसके अतिरिक्त, 1,89,380 इंटरकनेक्शन और 2,15,062 दक्षताएं हैं। नॉलेख ग्राफ़ में बिखरा कॉन्टेंट, सैकड़ों पाठ्यक्रमों से जुड़े हजारों परीक्षाओं से संबंधित है। यही वजह है कि टैगिंग की प्रक्रिया बेहद खर्चीली और लंबी होती है। इसके अलावा, डेटासेट की मानवजनित टैगिंग की प्रक्रिया पूर्वाग्रह युक्त हो जाती है क्योंकि, इस प्रक्रिया में अलग-अलग तरह के टीकाकार शामिल होते हैं जो डेटासेट के विभिन्न सबसेट पर काम करते हैं।

मेटा-टैग रैंकर का उद्देश्य मानव टैगिंग से जुड़ी समस्याओं को कम करना है। यह मानवजनित प्रक्रिया में लूप सेमी-ऑटोमैटिक टैगिंग प्रक्रिया की मदद मानव हस्तक्षेप को कम कर देता है। मेटा-टैग रैंकर, विषय विशेषज्ञों की मदद के लिए बनाया गया टूल है, जो किसी विषय, इकाई, अध्याय, टॉपिक और कॉन्सेप्ट को टैग करने के लिए सुझाव देता है। यह Embibe प्लेटफॉर्म पर उपलब्ध सभी लक्ष्यों से जुड़े प्रश्नों के लिए टैगिंग का सुझाव देता है। इसके अतिरिक्त, यह प्रश्न के कठिनाई स्तर, आदर्श समय और ब्लूम स्तर के लिए भी सुझाव देता है।

आइए दो उदाहरणों से जानते हैं कि यह कैसे काम करता है।

मेटा-टैग रैंकर, एक्सट्रीम मल्टीक्लास क्लासिफिकेशन प्रॉब्लम (XMC)[1][2] पर आधारित है। Embibe पर, किसी भी प्रश्न के लिए 74,000 से अधिक वर्ग या कॉन्सेप्ट हैं। ये वर्ग आपस में पूरी तरह अलग नहीं हैं, यानी कॉन्सेप्ट के भावार्थ आपस में जुड़े हुए हैं। दूसरी चुनौती XMC के लिए, डेटासेट का वितरण करना है। जरूरी नहीं है कि सभी वर्गों या कॉन्सेप्ट के लिए पर्याप्त संख्या में डेटा बिंदू उपलब्ध हों। यानी, कुछ वर्गों में बहुत अधिक डेटा बिंदु होते हैं, जबकि अन्य में बहुत कम। इस कारण मॉडल भविष्यवाणी द्वारा कम डेटा बिंदू वाले वर्गों को अनदेखा किया जा सकता है। मेटा-टैग रैंकर, प्राकृतिक भाषा को समझने के लिए अत्याधुनिक गहन शिक्षण तकनीकों का लाभ उठाता है। साथ ही, न्यूरल मॉडल [3] के प्रशिक्षण के लिए नॉलेज ग्राफ का उपयोग करता है। इस मॉडल की मदद से मिलने वाली समझाने योग्य और व्याख्यात्मक भविष्यवाणियां, उत्पादन सेटिंग्स की क्षमता [4] [5] में निवेश के प्रति शिक्षाविदों के विश्वास को बढ़ाती हैं। इस प्रकार का समृद्ध कॉन्टेंट, ऑटो टेस्ट जनरेशन [5] [7] और लर्निंग आउटकम [6] की क्षमता को सशक्त बनाता है।

मेटा टैग जनरेटर ने AI की मदद से पुस्तकों, प्रश्नों और लर्निंग वीडियो के लिए मानवजनि टैगिंग प्रक्रिया में लनने वाले हजारों घंटे बचाए हैं। इसने विभिन्न ग्रेड और विषयों के लिए विषय विशेषज्ञों की आवश्यकता को भी कम किया है। Embibe, वीडियो और 3D एसेट के लिए स्पीच मेटा-टैग भी विकसित कर रहा है।

डेमो वीडियो

संदर्भ:

[1] Chang, Wei-Cheng, Hsiang-Fu Yu, Kai Zhong, Yiming Yang, and Inderjit S. Dhillon. “Taming pretrained transformers for extreme multi-label text classification.” In Proceedings of the 26th ACM SIGKDD International Conference on Knowledge Discovery & Data Mining, pp. 3163-3171. 2020.

[2] Dahiya, Kunal, Deepak Saini, Anshul Mittal, Ankush Shaw, Kushal Dave, Akshay Soni, Himanshu Jain, Sumeet Agarwal, and Manik Varma. “DeepXML: A Deep Extreme Multi-Label Learning Framework Applied to Short Text Documents.” In Proceedings of the 14th ACM International Conference on Web Search and Data Mining, pp. 31-39. 2021.[arXiv]

[3] Faldu, Keyur, Amit Sheth, Prashant Kikani, and Hemang Akabari. “KI-BERT: Infusing Knowledge Context for Better Language and Domain Understanding.” arXiv preprint arXiv:2104.08145 (2021).

[4] Gaur, Manas, Keyur Faldu, and Amit Sheth. “Semantics of the Black-Box: Can knowledge graphs help make deep learning systems more interpretable and explainable?.” IEEE Internet Computing 25, no. 1 (2021): 51-59.

[5] Dhavala, Soma, Chirag Bhatia, Joy Bose, Keyur Faldu, and Aditi Avasthi. “Auto Generation of Diagnostic Assessments and Their Quality Evaluation.” International Educational Data Mining Society (2020).

[6] Faldu, Keyur, Aditi Avasthi, and Achint Thomas. “Adaptive learning machine for score improvement and parts thereof.” U.S. Patent 10,854,099, issued December 1, 2020.

[7] Desai, Nishit, Keyur Faldu, Achint Thomas, and Aditi Avasthi. “System and method for generating an assessment paper and measuring the quality thereof.” U.S. Patent Application 16/684,434, filed October 1, 2020. 

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